लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था और एक युग थे। वे विकास की आधारशिला रखने वाले ऐसे राजनेता थे जिनका संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहा। श्री महाना आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ के मुख्य सभागार में आयोजित पंडित नारायण दत्त तिवारी जन्म शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने की।
अध्यक्ष श्री महाना ने कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी की योग्यता और प्रशासनिक क्षमता का वर्णन शब्दों में करना कठिन है। प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो उनके व्यक्तित्व से परिचित न हो। उन्होंने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। विकास के अनेक क्षेत्रों में उन्होंने नई शुरुआत की और दूरदर्शी सोच के साथ विकास की मजबूत नींव रखी। श्री महाना ने कहा कि पंडित तिवारी में प्रशासनिक क्षमता के साथ साथ लोगों से जुड़ने की अद्भुत क्षमता थी। उन्होंने विधानसभा की गरिमा को सदैव ऊंचा रखा। उनके विधानसभा में दिए गए 30,872 वक्तव्य उनके व्यापक संसदीय अनुभव और विषयों पर उनकी पकड़ को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा के ऐप पर उपलब्ध उनके वक्तव्यों को नई पीढ़ी को पढ़ना चाहिए और उनके जीवन से कुछ सीखने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संस्थाएं निरंतर चलती रहती हैं लेकिन उनसे जुड़े व्यक्तियों को अपने कार्यों से ऐसी पहचान छोड़नी चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखें। किसी व्यक्ति की कमियों के आधार पर पूरी संस्था का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। हर क्षेत्र में अच्छे और कमजोर दोनों प्रकार के लोग हो सकते हैं, लेकिन संस्था की गरिमा और महत्व बना रहता है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी ने कहा कि सतीश महाना ने भारत के अंदर ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी उत्तर प्रदेश विधानसभा का नाम रोशन किया है। उन्होंने विधानसभा को आधुनिक, तकनीक सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पवन सिंह चौहान ने पं. नारायण दत्त तिवारी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा। इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव अतुल गुप्ता, पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह तथा पूर्व संपादक नवीन जोशी सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA