Breaking News

परिवार न्यायालय की पहल से फिर आबाद हुआ संतोष और रीना का वैवाहिक जीवन

  • परामर्शदाताओं के प्रयास से पति-पत्नी के बीच हुआ सुलह-समझौता, साथ रहने को हुए राजी

देवरिया। पति-पत्नी के रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट के कारण कई परिवार बिखरने की कगार पर पहुंच रहे हैं। सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाले दंपती भी आपसी मतभेदों के चलते परिवार न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे हैं। हालांकि, परिवार न्यायालय में नियुक्त परामर्शदाताओं के कानूनी परामर्श, सुलह-समझौते और भावनात्मक प्रयासों से कई टूटते रिश्तों को नई जिंदगी मिल रही है। ऐसा ही एक मामला देवरिया परिवार न्यायालय में सामने आया, जहां परामर्श और आपसी समझ से एक दंपती फिर साथ रहने को राजी हो गया।

परिवार न्यायालय में दाखिल वैवाहिक वाद संख्या 199/2026, धारा 13(1) हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत थाना कोतवाली, जनपद देवरिया के संतोष कुशवाहा बनाम रीना कुशवाहा मामले में प्रधान न्यायाधीश ब्रजेश मणि त्रिपाठी की पहल पर सुलह-समझौते का प्रयास किया गया। इसमें परिवार न्यायालय के परामर्शदाता रवि प्रकाश मणि, चंदा राव और उदय प्रताप सेंगर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परामर्शदाताओं ने पति-पत्नी के बीच संवाद स्थापित कर उनके मतभेदों को दूर करने और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने का प्रयास किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और संतोष कुशवाहा तथा रीना कुशवाहा आपसी सहमति से अपना वैवाहिक जीवन साथ-साथ बिताने के लिए राजी हो गए।

दोनों ने सहमति जताई कि अब उनके बीच कोई विवाद नहीं है। वे आपसी प्रेम, विश्वास और समझदारी के साथ पति-पत्नी के रूप में रहकर अपने वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाएंगे।

परिवार न्यायालय की इस पहल को रिश्तों को टूटने से बचाने और परिवारों को फिर से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मामले में सुलह-समझौते के जरिए दंपती के साथ रहने के फैसले की चर्चा हो रही है।

About Nagarik Satta

Check Also

शानदार प्रदर्शन करते हुए बीपीएड की टीमों ने जीती वॉलीबॉल ट्रॉफी

लखनऊ। क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज, लखनऊ के वॉलीबॉल मैदान में आयोजित दो दिवसीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट के …

डबल इंजन सरकार में गरीबों और महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव: एके शर्मा

मंत्री एके शर्मा ने उज्ज्वला योजना महिलाओं के स्वास्थ्य व सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *