बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एक हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि करने की घोषणा की है। अब ग्राम प्रहरियों को 2500 रुपये के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में ये घोषणाएं करते हुए ग्राम प्रहरियों को ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानदेय में 40 प्रतिशत की वृद्धि से प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होगी। वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब सरकार उनकी आर्थिक स्थिति और कार्यक्षमता को मजबूत करने के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
- अपराधियों में कानून का भय, सुरक्षित माहौल में मनाए जा रहे पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अपराध और अव्यवस्था की स्थिति के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना थी। उस समय पर्व-त्योहारों से पहले ही उपद्रव की आशंका बनी रहती थी, लेकिन आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदली है। लोग बेखौफ होकर त्योहार मना रहे हैं। शारदीय नवरात्रि में मंदिरों और पूजा पंडालों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ सुरक्षित वातावरण का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने, लूट और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं में शामिल अपराधियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। प्रदेश की कानून-व्यवस्था के प्रति देश-दुनिया में धारणा बदली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने सुरक्षा का माहौल बनाने की दिशा में काम किया है। इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिला है।
शारदीय नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भगवती का यह स्वरूप असुरों और अराजक तत्वों के मन में भय पैदा करने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और पूजा पंडालों में श्रद्धालु उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन कर रहे हैं।
- गांवों की सुरक्षा में ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्राम प्रहरियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और संभावित घटनाओं की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचाने में उनकी सजगता बड़ी भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को सीसीटीवी कैमरे के समान महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें गांव में रहकर गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और किसी संदिग्ध घटना की जानकारी तत्काल थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को देनी चाहिए। ग्राम प्रहरियों को स्वयं किसी से उलझने या कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। उनका प्रमुख दायित्व विश्वसनीय सूचनाएं एकत्र कर पुलिस तक पहुंचाना है, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि थानाध्यक्ष या क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करे। इन बैठकों में गांव की समस्याओं, संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी के पद जहां खाली हैं, वहां स्थानीय व्यवस्था के तहत नियुक्ति की जाए और नियमित संवाद की व्यवस्था बनाई जाए।
- वन्यजीवों के खतरे और भू-माफिया पर भी रखें नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के मौसम में गांवों में अफवाहें तेजी से फैलती हैं। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों में वन्यजीवों से जुड़ी घटनाओं का खतरा भी रहता है। ऐसे मामलों में ग्रामीणों को जागरूक करने और प्रशासन को समय पर सूचना देने में ग्राम प्रहरी प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं को रेस्क्यू किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राम प्रहरियों की एक समयबद्ध सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से भू-माफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखने और संबंधित सूचनाएं पुलिस-प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के साथ होमगार्ड, पीआरडी जवानों और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। वर्ष 2019 में ग्राम प्रहरियों को टॉर्च और डंडा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। अब मानदेय में वृद्धि और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- ग्राम प्रहरियों और परिवारों को पांच लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस व्यवस्था से ग्राम प्रहरी और उनके परिवार के सदस्य बीमारी की स्थिति में निर्धारित स्वास्थ्य कवर के तहत उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था की नींव हैं। उनकी सजगता से ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा और गांवों में स्थिरता तथा विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
11 ग्राम प्रहरी सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह, बहेड़ी से राम राठौर, पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र बाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल बाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश और अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति शामिल रहे। इस दौरान ग्राम प्रहरियों के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, बरेली के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, मंत्री संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा की नवनिर्वाचित सांसद श्रुति गंगवार, बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य और कुंवर महाराज सिंह, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. डीसी वर्मा और डॉ. एमपी आर्य, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद तथा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का परिदृश्य बदला है। प्रदेश में समाज के हर वर्ग का विश्वास बढ़ा है और सरकार ने गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सीएम ने ग्राम प्रहरियों का सम्मान करके और उनके मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि करके अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। ग्राम प्रहरियों के समर्पण और कार्यों को देखते हुए उनके मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि सराहनीय कदम है। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की चर्चा प्रदेश ही नहीं, देश और दुनिया में होती है।
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा के मुखिया पीडीए की परिभाषा बदलते रहते हैं, जबकि वास्तविक पीडीए भारतीय जनता पार्टी के साथ है। 2017 व 2022 में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने में पीडीए की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आगामी विधानसभा चुनाव में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार से गांवों का माहौल बदला है। पुलिस की सख्ती से अपराधियों में भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।
NAGARIK SATTA
