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माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे बहुमंजिला आवास: योगी

  • मुख्यमंत्री ने कहा स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, 16 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय की व्यवस्था

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर अब गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए आवास बनाए जाएंगे। प्रयागराज में ऐसी जमीन पर बहुमंजिला आवासीय इमारतों के निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दस स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र और बैग भेंटकर सम्मानित भी किया।

  • स्वच्छता कर्मियों को मिलेगा न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कई स्थानों पर स्वच्छता कर्मियों से काम लेने के बाद उनकी मजदूरी और मानदेय में कटौती कर दी जाती थी। कई बार उन्हें पूरा भुगतान भी नहीं मिलता था। अब प्रदेश में ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉरपोरेशन के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय देने की व्यवस्था की है।

उन्होंने कहा कि कर्मियों को ईएसआई के तहत अस्पतालों में उपचार, सुरक्षा बीमा और भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। पीएफ के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मियों के पास अपनी जमा पूंजी होगी, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे उस समय सड़कों और मोहल्लों की सफाई में जुट जाते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात और त्योहारों के दौरान भी वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में करीब 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद स्वच्छता की व्यापक सराहना हुई, जिसके पीछे स्वच्छता कर्मियों का अथक परिश्रम था। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नींव के पत्थर पर पूरी इमारत खड़ी होती है, उसी तरह स्वच्छता कर्मियों का योगदान समाज के लिए महत्वपूर्ण है।

  • जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर करें समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री ने डॉ. नीलकंठ तिवारी के वार्ड प्रवास अभियान की सराहना करते हुए इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहकर उसकी समस्याएं सुननी चाहिए, सरकारी निर्माण कार्यों के संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनप्रतिनिधि इसी तरह सक्रियता से काम करें तो जनता के बीच नकारात्मकता की स्थिति पैदा नहीं होगी। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो। सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग इनका लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को शिविर लगवाकर वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य योजनाओं से जोड़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं का समाधान गाली-गलौज या मारपीट से नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समन्वय से निकलता है। प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर जनहित के कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कराया जा सकता है। उन्होंने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा, जो चुनाव जीतने के बाद अपने क्षेत्र से दूरी बना लेते हैं और जनता की समस्याओं की अनदेखी करते हैं।

  • परिवार को ही समाज और प्रदेश मानने वालों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवारवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि दोपहर में जागते हैं, जनता के बीच नहीं जाते और अपने परिवार तक ही सीमित रहते हैं, वे समाज और प्रदेश की वास्तविक समस्याओं को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानकर काम करते हैं, वही वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, सड़कों पर जाम और बिजली संकट जैसी समस्याएं आम थीं। निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते थे और भू-माफिया गरीबों तथा व्यापारियों की जमीनों और मकानों पर कब्जा कर भय का माहौल बनाते थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। शहर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सरकार विकास कार्य करा सकती है, लेकिन सार्वजनिक सुविधाओं और निर्माण कार्यों को सुरक्षित रखना जागरूक समाज की भी जिम्मेदारी है। नियमित सफाई और समय पर मरम्मत से इन सुविधाओं की उपयोगिता बनी रहती है।

  • 24 वार्डों में चला 76 दिवसीय अभियान

विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में लगातार चौथे वर्ष आयोजित वार्ड प्रवास अभियान के तहत सभी 24 वार्डों को शामिल किया गया। 19 जुलाई से 2 अक्टूबर तक चले इस अभियान में प्रत्येक वार्ड में तीन से चार दिन प्रवास किया गया।

अभियान के दौरान 11 रविवार को जनकल्याण शिविर लगाए गए और 800 से अधिक पौधे रोपे गए। करीब दो हजार लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच कर चश्मे वितरित किए गए। पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा गया। इसके अलावा पेयजल, सीवर और सफाई से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी पहल की गई।

समारोह में मुख्यमंत्री ने वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पुनवासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना और चिंता देवी को अंगवस्त्र एवं बैग भेंटकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम और भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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