लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ की प्रथम एनसीसी बैच की पूर्व कैडेट रुचि ने राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। हाल ही में उन्हें राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालय, लखनऊ में देश के दूसरे और उत्तर प्रदेश के सर्वाेच्च सैन्य अधिकारी, अपर महानिदेशक मेजर जनरल विक्रम कुमार द्वारा एनसीसी प्रशिक्षण, उत्कृष्ट लेखन और नेतृत्व कौशल के लिए विशेष मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
उन्हें यह सम्मान एनसीसी में अनुकरणीय प्रदर्शन और व्यक्तित्व विकास में एनसीसी की भूमिका को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रदान किया गया। साथ ही 20 उत्तर प्रदेश बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रत्नाकर त्रिवेदी द्वारा भी उन्हें एनसीसी और लेखन में उत्कृष्ट योगदान के लिए बटालियन स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली रुचि ने अपने शैक्षिक जीवन में आने वाली अनेक सामाजिक व आर्थिक बाधाओं को पार करते हुए सशक्त व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास किया है। एनसीसी प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास, अनुशासन और चुनौतियों से जूझने की क्षमता को नया आयाम दिया। इसी योगदान के लिए उन्हें ‘दुर्गा फाउंडेशन, दिल्ली’ द्वारा ‘दुर्गा अवॉर्ड’ तथा ‘बीटीएसएस संस्था’ द्वारा ‘दृष्टि योद्धा अवॉर्ड’ के लिए नामित किया गया है। हाल ही में आयोजित एनसीसी एलुमनी मीट के अवसर पर रुचि ने विश्वविद्यालय में पुनः आगमन किया जहाँ उनका सादर स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कुलपति प्रो अजय तनेजा से शिष्टाचार भेंट की और अपने अनुभव साझा किए। साथ ही उन्होंने अपने एनसीसी सफर की प्रेरणास्रोत विश्वविद्यालय की एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ बुशरा अलवेरा से भी भेंट की और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। विश्वद्यिालय की मीडिया प्रभारी डॉ रूचिता सुजाय ने बताया कि केएमसी विश्वविद्यालय परिवार को गर्व है कि उसकी प्रथम एनसीसी बैच की कैडेट आज राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कर रही हैं। रुचि जैसे पूर्व कैडेट भावी पीढ़ी के छात्रों और कैडेट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
NAGARIK SATTA
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