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विश्व युवा कौशल दिवस के समापन समारोह में दिखी विरासत और तकनीक का संगम
लखनऊ । विश्व युवा कौशल दिवस के समापन समारोह में अंतर्गत इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित पैनल चर्चा का पारंपरिक एवं आधुनिक स्किलिंग में संतुलन विषय पर विशेषज्ञों ने पारंपरिक हस्तकला, बुनाई, बढ़ईगिरी जैसे हुनर से लेकर डिजिटल स्किल्स, एआई, ऑटोमेशन जैसी आधुनिक तकनीकों के बीच तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार साझा किए। चर्चा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश के कौशल विकास ढांचे में अब परंपरा और तकनीक एक साथ चल रही हैं, जिससे युवा न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं।
कौशल मेले में आयोजित नियोक्ता सम्मेलन में दो प्रमुख क्षेत्रों के सीईओ और एचआर हेड्स ने मंच से सीधे युवाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बताया कि उद्योगों को किस प्रकार के कौशल की आवश्यकता है, और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की मांगों के अनुरूप कैसे ढाला जा सकता है। इस संवाद को युवाओं के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताया गया। संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार ने कहा कि यह सम्मेलन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ठोस संवाद है। उन्होंने बताया कि विभाग अधिक से अधिक उद्योग आधारित प्रशिक्षण की सुविधा युवाओं को देने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग डॉ. हरिओम ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है कि राज्य के युवाओं को न केवल पारंपरिक ज्ञान में दक्षता प्राप्त हो, बल्कि उन्हें भविष्य की तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और ऑटोमेशन में भी विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की सोच है कि युवा सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। इसके लिए इंडस्ट्री-एकेडमिक कनेक्ट, उच्च गुणवत्ता की ट्रेनिंग और रोजगारोन्मुखी कौशल का समावेश हमारी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के नवाचारों पर मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने मिशन द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDUGKY) और राज्य कौशल विकास निधि योजना (SSDF) की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्किल गैप को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन लगातार उद्योगों से संवाद कर रहा है और उनकी आवश्यकता के अनुसार ही युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन द्वारा सभी जनपदों में औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षण भागीदार (ट्रेनिंग पार्टनर) बनाया जा रहा है ताकि युवाओं को उनके ही जनपद में प्रशिक्षण और रोजगार दोनों उपलब्ध हो सकें।
समारोह के अंत में फूड स्टॉल श्रेणी में पुरस्कार में Subhwanti Social Welfare Society को प्रस्तुत लिट्टी-चोखा स्टॉल में प्रथम पुरस्कार प्राप्त मिला। NEDS Skills and Services Pvt. Ltd. (Startup) द्वारा फरहे एवं सत्तू के शेक मे द्वितीय पुरस्कार, जबकि Frontline-NCR Business Solutions Pvt. Ltd. को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
निजी प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं द्वारा उत्पाद विक्रय श्रेणी में पुरस्कार में यूनीवर्सल आईडियल सेवा समिति को जूट बैग एवं दरवाजे की चटाई की बिक्री के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। फर्स्ट लाइन ग्लोबल सर्विसेज को महिलाओं के परिधानों की बिक्री के लिए द्वितीय पुरस्कार, जबकि साइबर एकेडमी को चिकनकारी साड़ियों एवं सूट्स की बिक्री के लिए तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राजकीय संस्थानों द्वारा नवाचार एवं उत्पाद विक्रय श्रेणी में पुरस्कार में स्टेट स्टाफ ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च सेंटर को परिधान (अपारेल) श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, मण्डल लखनऊ द्वारा क्लैप स्विच सिस्टम, स्मार्ट डस्टबिन, ऑटोमेशन सिम्युलेटर, दीपदान, फ्लावर पॉट आदि नवाचारों के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की लोक प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर नृत्य, गायन, नाटक और कविताओं के माध्यम से युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और “कुशल उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को सजीव कर दिया।
NAGARIK SATTA