लखनऊ। कुलपति प्रो अजय तनेजा के निर्देशन में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग द्वारा बीपीसीआईएल के सहयोग से बीपीसीआईएल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा 2025 के अंतर्गत एक विशेष व्याख्यान एवं पुरस्कार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जैव प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ ममता शुक्ला ने की जो आयोजन सचिव भी रहीं। कार्यक्रम के संयोजक प्रो सउबान सईद और समन्वयक डॉ नीरज शुक्ला रहे। आयोजन समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में डॉ आरके त्रिपाठी, डॉ पूनम, डॉ अभय कृष्ण, डॉ मंवेन्द्र सिंह, डॉ इफ्त अज़ीम, अभियंता धीरेंद्र, राशि श्रीवास्तव तथा शिवांशी त्रिपाठी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीएसआईआर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) लखनऊ से आए प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ रुद्र देव त्रिपाठी ने ‘आर्सेनिक विषाक्तता’ विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया जिसमें उन्होंने पर्यावरणीय प्रदूषण एवं जनस्वास्थ्य के मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ मृदुल शुक्ल ने भी छात्रों को शैक्षणिक दिशा में प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ धीरेंद्र कुमार विभागाध्यक्ष जैव प्रौद्योगिकी विभाग एवं उत्कृष्टता केंद्र, आरआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस; डॉ अविनाश त्रिपाठी निदेशक आरएचए कॉलेज ऑफ फार्मेसी; डॉ रमेश सिंह बीएन कॉलेज ऑफ फार्मेसी; डॉ धर्मवीर सिंह निदेशक अम्बेकेश्वर कॉलेज ऑफ फार्मेसी; डॉ डीडी पांडेय निदेशक यश राज कॉलेज ऑफ फार्मेसी; तथा डॉ अनुभव कुमार, निदेशक श्रीराम मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी शामिल रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया, जिससे अंतःविषयक शैक्षणिक संवाद को बल मिला। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बीपीसीआईएल राष्ट्रीय छात्रवृत्तियों का वितरण रहा, जिसमें जीवन विज्ञान वर्ग के छात्रों को ₹10,000 तथा फार्मा वर्ग के छात्रों को ₹5,000 की नकद छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गईं। विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि केएमसीएलयू के बी.टेक बायोटेक्नोलॉजी विभाग की एक छात्रा को भी जीवन विज्ञान श्रेणी में यह छात्रवृत्ति प्राप्त हुई जो विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है।
बीपीसीआईएल (बायोटेक फार्मा सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड लर्निंग) एक राष्ट्रीय समिति है जो छात्रों और शिक्षकों के लिए कार्य करती है तथा मेधावी छात्रों को राष्ट्रीय छात्रवृत्तियाँ प्रदान करती है। यह कार्यक्रम बायोवर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित था। इस अवसर पर कंपनी से डॉ आकाश एवं पुनीत ने सभी चयनित छात्रों के लिए 45 दिवसीय नि:शुल्क औद्योगिक प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सहायता की घोषणा की। कुलपति प्रो अजय तनेजा ने उनके इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में अधिक सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की।
NAGARIK SATTA