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खाली विद्यालयों में आंगनवाड़ी द्वारा 1 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी शिक्षा: बेसिक शिक्षामंत्री
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प्रत्येक जनपद में 30 करोड़ की लागत से खुलेंगे सीएम विद्यालय
लखनऊ। विधानसभा के मानसून सत्र में दूसरे दिन सपा विधायक पंकज पटेल ने स्कूल मर्जर, टीचर भर्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में पिछले चार सालों में 88 लाख बच्चों ने ड्राप आउट किया है। शिक्षकों की भर्ती न होने से एक शिक्षक पर 60 से 70 बच्चों का भार बढ़ा। इसकी वजह से बच्चे सरकारी स्कूलों में जाना छोड़ रहे हैं। स्कूल मर्जर के नाम पर स्कूलों को बंद किया जा रहा है। साथ ही अनुपूरक सवाल रखते हुए अनिल प्रधान ने कहा कि शिक्षा महत्वपूर्ण मामला है। यूपी में क्या नई शिक्षक भर्ती होगी। सपा विधायक प्रभुनारायण ने कहा कि अब तक बेसिक शिक्षा विभाग में एक लाख 20 हजार पद रिक्त हैं।
सदन में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सपा विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय में 1.93 लाख बच्चे हैं एवं 3.38 लाख शिक्षक तैनात हैं। 1.43 लाख शिक्षा मित्र भी हैं। उच्च और प्राथमिक विद्यालय में 30 छात्र पर एक और उच्च प्राथमिक में 35 छात्र पर एक शिक्षक का अनुपात है। अभी छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों का अनुपात हैं। सरकार ने एक भी विद्यालय को बंद करने का निर्णय नहीं लिया है। बेसिक शिक्षा के अंतर्गत जो भी विद्यालय हैं, वो चलते रहेंगे। 30 करोड़ की लागत से प्रत्येक जनपद में अत्यआधुनिक सीएम विद्यालय खोले जा रहे हैं। कक्षा में 1 वर्ष में 6 वर्ष के बच्चों की शिक्षा आंगनवाड़ी में दी जा रही है। जहां एक किमी के अंदर दो से तीन विद्यालय हैं, उन्हें ही मर्ज किया गया है। खाली स्कूलों में आंगनवाड़ी द्वारा नर्सरी के बच्चों की कक्षाएं संचालित कि जाएंगी। नर्सरी के लिए एक कोर्स भी तैयार किया गया है। हर उम्र के बच्चों के लिए ये पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। सामान्य ज्ञान की जानकारी होगी। प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर इनका संचालन किया जाएगा।
उन्होंने कक्षा एक में बच्चों के स्कूलों के नामांकन की आयु घटाने से इनकार करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय मानक है कि बच्चा कक्षा एक में 6 वर्ष का होना चाहिए। कक्षा 8 तक 14 वर्ष का बच्चा होना चाहिए। इसी के आधार पर शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों को आठवीं तक की अनिवार्य शिक्षा दी जा रही है। इसलिए नामांकन की आयु घटा पाना संभव नहीं है।
NAGARIK SATTA