लखनऊ। यूपी विधानसभा में सत्र के दूसरे दिन नियम 56 के तहत नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने फतेहपुर के मकबरे में भगवा झंडा लगाने और तोड़फोड़ का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि एक संगठित ढंग से एक पार्टी के नेता ने ऐलान किया। कहा कि ये मकबरा हिंदुओं का है। पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग करनी शुरू कर दी, लेकिन तबतक भीड़ अंदर घुस गई। प्रदेश में सौहार्द बिगाड़ने का काम चल रहा है।

नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि फतेहपुर बवाल में सरकार शामिल नहीं है। मैं आपकी बात का खंडन करता हूं। शाम को ही 10 नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। और गिरफ्तारी भी हो रही है। कानून अपना काम करेगा। सुरेश खन्ना आरोपियों के नाम पढ़ने लगे तो सपा के विधायकों ने जमकर हंगामा किया और नारे बाजी करते हुए वेल में आ गए।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में दंगा कराना चाहती है। इस दंगाई सरकार के खिलाफ हम झुकेंगे नहीं। पुलिस के दम पर सरकार नहीं चलेगी। इसके बाद सपा विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। तानाशाही बंद करो। दंगाइयों को मिट्टी में मिलाओ। बाबा का बुलडोजर कहां गया जैसे नारे लगाए। माता प्रसाद पांडेय ने कहा, भाजपा सदन चलाना नहीं चाहती है। ये दंगाइयों को बचा रही है। भाजपा सांप्रदायिक रंग देकर प्रदेश को दंगे में झोंकना चाहती है। सपा ने कहा कि फतेहपुर में भीड़ जुटाने वाले नेता का नाम नहीं है। सपा का इशारा फतेहपुर में भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर था।
विधानसभा अध्यक्ष के बार अनुरोध करने के बाद भी सपा के विधायक अपने सीट पर नहीं आए और नारेबाजी करते रहे। हंगामें के चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
NAGARIK SATTA