लखनऊ/जौनपुर। बेटे साहिल की हत्या के बाद न्याय की आस में पीड़िता योगिता सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंची। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने और सरकारी वकील व विवेचक की मिलीभगत से मुख्य आरोपी को जमानत दिला दी गई है।
मामला 3 दिसंबर 2023 का है, जब आरोपियों ने साहिल और उसकी माँ पर जानलेवा हमला किया था। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार एफआईआर वापस लेने का दबाव बना रहे थे और कई बार फोन कर सुलह करने को भी कहा। इसके बाद 14 नवंबर 2024 को आरोपियों ने मिलकर साहिल की हत्या कर दी।
मुख्य आरोपी सुधीर सिंह सद्दू सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन योगिता सिंह का आरोप है कि सरकारी अधिवक्ता और विवेचक ने मिलीभगत कर सुधीर सिंह को बचाने की कोशिश की। जबकि उसकी जमानत याचिका पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विवेचक और सरकारी वकील की संलिप्तता से आरोपियों में से सतीश सिंह गोलू और ओम सिंह का नाम मुकदमे से निकलवा दिया गया है। इसके अलावा अब तक आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी नहीं हो पाई है।
विधवा योगिता सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर न्याय दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
NAGARIK SATTA