अयोध्या। महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में एक भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति की त्रिवेणी देखने को मिली, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।
हवाई अड्डे के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सभी ने महर्षि के जीवन, आदर्शों और उनके द्वारा रचित रामायण जैसे अमर ग्रंथ की शिक्षाओं को स्मरण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के तहत पूरे हवाई अड्डा परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। हर कोना दीपों, पुष्पों और रंग-बिरंगी झंडियों से सुसज्जित था। वातावरण भक्ति, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के सामाजिक योगदान, उनके लेखन एवं उनके जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज में समानता, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलकर ही सच्चे आदर्शों की स्थापना संभव है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अपने नाम को सार्थक करते हुए, इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
NAGARIK SATTA