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आवास परिषद को मिला ₹876 करोड़ का राजस्व
यह ई-नीलामी दिनांक 30 सितंबर 2025 को आयोजित की गई थी। परिषद के अधिकारियों के अनुसार, उच्चतम बोली लगाने वाले फर्मों के प्रस्तावों को आवास आयुक्त द्वारा विचारोपरांत स्वीकृत कर दिया गया है।
पहला भूखण्ड संख्या 7/GH-1 (कॉर्नर) है, जिसका क्षेत्रफल 39,489 वर्ग मीटर है। इस भूखण्ड की आरक्षित दर ₹1,52,091 प्रति वर्ग मीटर निर्धारित थी। इस भूखण्ड के लिए तीन बोलीदाताओं ने भाग लिया, जिनमें से Khatushyam Buildcon Pvt. Ltd. ने ₹1,52,991 प्रति वर्ग मीटर की उच्चतम बोली लगाकर इसे हासिल किया।
दूसरा भूखण्ड संख्या 7/GH-3 है, जिसका क्षेत्रफल 15,505 वर्ग मीटर है। इस भूखण्ड की आरक्षित दर ₹1,38,264 प्रति वर्ग मीटर थी, जबकि BRV Estate LLP ने ₹1,75,814 प्रति वर्ग मीटर की उच्चतम बोली लगाकर इसे अपने नाम किया।
दोनों भूखण्डों की सफल ई-नीलामी से परिषद को ₹876 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा, जिसे प्रदेश में आवासीय परियोजनाओं के विकास में लगाया जाएगा।
परिषद द्वारा अब 18 अक्टूबर 2025 को अगली ई-नीलामी आयोजित की जा रही है। इस ई-नीलामी में लखनऊ, मेरठ, आगरा, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, बाराबंकी, अयोध्या, सहारनपुर और गाज़ियाबाद सहित कई प्रमुख शहरों की EWS, LIG, MIG, HIG आवासीय इकाइयाँ तथा आवासीय भूखण्ड शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त, लखनऊ के अवध विहार, वृन्दावन एवं गाज़ियाबाद की वसुंधरा योजना में बड़े भूखण्डों के साथ होटल, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत एवं नर्सिंग होम जैसी अनावासीय संपत्तियों की भी ई-नीलामी प्रस्तावित है।
विशेष रूप से, वृन्दावन योजना, लखनऊ में आई.टी. सिटी की स्थापना हेतु भूखण्डों का नियोजन किया गया है, जो आगामी ई-नीलामी में शामिल होंगे। इस पहल से प्रदेश में निवेश, रोजगार और शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।
NAGARIK SATTA