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लेटर ऑफ कम्फर्ट के पाँच आवेदनों को मिली संस्तुति
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी करने पर विचार हेतु 18 नवम्बर 2025 (मंगलवार) को प्राधिकृत समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति–2022 के अंतर्गत आयोजित प्राधिकृत समिति की 13वीं बैठक में ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम (OIMS) पोर्टल के माध्यम से प्राप्त पाँच औद्योगिक परियोजना आवेदनों पर चर्चा की गई। मूल्यांकन समिति द्वारा संस्तुत इन आवेदनों को एलओसी जारी करने हेतु अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया था।
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590.30 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
ये आवेदन प्रदेश के कानपुर नगर, हाथरस, अमेठी, बहराइच और प्रयागराज जिलों से संबंधित हैं। सभी प्रस्ताव वृहद् श्रेणी की औद्योगिक परियोजनाएँ हैं, जिनमें कुल 590.30 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान है।
इन परियोजनाओं में—पॉल्ट्री फ़ीड, डिटर्जेंट, टीएमटी बार, इथनॉल उत्पादन, जैसे उद्योग शामिल हैं।
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प्रोत्साहन के लिए किए गए आवेदन
निवेशकों ने निम्न प्रोत्साहनों हेतु आवेदन किया है—एसजीएसटी सब्सिडी, कैपिटल सब्सिडी, नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, समिति ने सभी प्रस्तावों का परीक्षण राज्य की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार सृजन की नीतिगत दृष्टि के अनुरूप किया और सभी पाँच आवेदनों को एलओसी जारी करने हेतु संस्तुति प्रदान की।
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लेटर ऑफ कम्फर्ट का महत्व
एलओसी राज्य सरकार की यह संप्रभु प्रतिबद्धता है कि निर्धारित पात्रता मानदंडों की पूर्ति पर निवेशकों को संबंधित प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में राज्य सरकार की पारदर्शी, सुगम और उद्योग-हितैषी वातावरण निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई गई। संरचित नीति समर्थन, डिजिटल प्रक्रियाओं और लक्षित प्रोत्साहनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
इन्वेस्ट यूपी ने भी औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और अवस्थापना विकास को बढ़ावा देने हेतु निवेशकों की जरूरतों के शीघ्र समाधान और प्रोत्साहन आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई।
NAGARIK SATTA