लखनऊ, 26 नवंबर । उत्तर प्रदेश सरकार की इन्वेस्टमेंट प्रमोशन और फैसिलिटेशन एजेंसी, इन्वेस्ट यूपी ने आज द सेंट्रम, लखनऊ में “उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को आकार देना: विकसित भारत @2047 के लिए रणनीति” नाम से एक का आयोजन किया। यह इवेंट ‘विकसित UP@2047 एक्शन प्लान’ बनाने के लिए स्टेकहोल्डर मीटिंग्स की एक सीरीज़ का हिस्सा था। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी ने आज को द सेंटरम, लखनऊ में एक संगोष्ठी का आयोजन किया । “उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को आकार देना: विकसित भारत @2047 के लिए रणनीति” थीम पर आधारित यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समावेशी व सक्षम उत्तर प्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीर्धकालिक समय के विकास के नज़रिए के साथ, इस कॉन्फ्रेंस में नीति निर्धारकों, औद्योगिक संगठनों और सेक्टर के विशेषज्ञ एक साथ आए और 2047 तक उत्तर प्रदेश को एक विकसित, वैश्विक अग्रणी और इनोवेशन वाली इकॉनमी के तौर पर उभरने के रोडमैप पर चर्चा की। राज्य के प्रमुख विभागों, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्र तथा खनन के वरिष्ठ अधिकारियों ने विकसित यूपी@2047 रूपरेखा के अंतर्गत रणनीतियों में तीव्रता लाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित योजना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित एक केंद्रित विचार-विमर्श सत्र में सहभागिता की।
सत्र को संबोधित करते हुए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, दीपक कुमार ने राज्य की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति और स्थिरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहाँ अवस्थापना पर पूंजीगत व्यय निरंतर बढ़ रहा है तथा कार्यशील जनसंख्या में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य एक अनुशासित एवं निवेशक-अनुकूल पारिस्थितिकी प्रदान करता है, जिसमें उद्यमियों के लिए स्पष्ट नीतियाँ एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध है। निवेशकों एवं उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की नीतियाँ व्यापक, सुव्यवस्थित एवं देश में सर्वोत्तम में से हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि प्रदेश की बड़ी जनसंख्या के कारण भूमि उपलब्धता एवं अधिग्रहण से संबंधित चुनौतियाँ कभी-कभी सामने आती हैं, किन्तु इसके बावजूद राज्य का नीतिगत ढाँचा देश में सर्वाधिक मजबूत और प्रभावी है। अधिकारी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यपालक मनोज कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार ने यह रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए एक प्रमुख एवं आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरा है। उन्होंने राज्य की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था व्यवस्था का उल्लेख किया, जो व्यापारिक गतिविधियों हेतु सुरक्षित एवं स्थिर वातावरण प्रदान करती है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिज़नेस’ एवं सक्रिय निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन करने तथा उत्तर प्रदेश को विकसित भारत @2047 के विजन को प्राप्त करने हेतु एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक संचालन को प्रभावी बनाने के लिए कार्यबल की उत्पादकता में वृद्धि अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने औद्योगिक भू-आवंटन प्रक्रिया को अधिक दक्ष बनाने, निवेश परियोजनाओं के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा कौशल विकास पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके उपरांत आलोक कुमार अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट @2047 पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें प्रमुख संरचनात्मक सुधारों, अवस्थापना विस्तार तथा क्षेत्र-विशेष प्राथमिकताओं का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि तीव्र परिवर्तन हो रहे हैं और आने वाले 25 वर्ष इससे भी तीव्र गति से ट्रांसफॉर्मेशन लेकर आएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि “माननीय मुख्यमंत्री जी की अपेक्षा थी कि विज़न डॉक्यूमेंट सर्वसमावेशी हो तथा सभी की सहभागिता को प्रतिबिंबित करे।” उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि औद्योगिक क्षेत्र में सशक्त गति दिखाई दे रही है, तथापि अभी भी बहुत कुछ प्राप्त किया जाना शेष है।
राजीव ठाकुर अपर सचिव एवं सलाहकार, प्रोग्राम डायरेक्टर, गवर्नेंस एवं रिफॉर्म/इन्फ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी, नीति आयोग, भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के रेलवे क्षेत्र की विशाल संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि रणनीतिक योजना एवं लक्षित निवेशों के माध्यम से राज्य औद्योगिक वृद्धि, व्यापार तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करते हुए इस क्षमता का प्रभावी उपयोग कर सकता है। उन्होंने सड़कों, रेल, वायुयान, लॉजिस्टिक्स तथा सार्वजनिक परिवहन क्षेत्रों सहित अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक अवस्थापना विकास लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।
आलोक कुमार, प्रमुख सचिव, योजना विभाग ने उत्तर प्रदेश@2047 का रोडमैप प्रस्तुत किया और अवगत कराया कि विज़न डॉक्यूमेंट को लगभग 97.7 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इस ब्लूप्रिंट में तीन प्रमुख मिशन शामिल हैं—अर्थ शक्ति (आर्थिक सामर्थ्य), सृजन शक्ति (नवाचार एवं शिक्षा), जीवन शक्ति (स्वास्थ्य, कल्याण एवं जीवन गुणवत्ता) तथा यह बारह प्राथमिक क्षेत्रों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह त्री-स्तंभ मॉडल-आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक कल्याण और सृजनात्मक ऊर्जा का समन्वय कर संतुलित विकास सुनिश्चित करता है।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र विकास का सबसे महत्वपूर्ण चालक बना रहेगा जबकि तृतीयक क्षेत्र का विस्तार भी द्वितीयक क्षेत्र के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। अब हमारा लक्ष्य इस गति को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा, “हम राज्य की आर्थिक क्षमता, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और विभिन्न क्षेत्रों में
NAGARIK SATTA