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नई दिल्ली में होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ का यूएन मुख्यालय में हुआ उद्घाटन

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में भारत और फ्रांस के स्थायी मिशन ने मिलकर न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के लिए एक कर्टेन रेजर (उद्घाटन समारोह) आयोजित किया, जिसमें एआई और डिजिटल गवर्नेंस पर चर्चा हुई। इस दौरान भारत ने अगले साल 19-20 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले इस शिखर सम्मेलन से जुड़ी जानकारी संयुक्त राष्ट्र सदस्यों को दी।

यह फ्रांस के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन और दोनों देशों के बीच मजबूत डिजिटल साझेदारी को दर्शाता है। समारोह में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और फ्रांस की डिजिटल और एआई मामलों की राजदूत क्लारा चपज ने मुख्य वक्ता की भूमिका अदा की। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश और फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि जेरोम बोनाफॉन्ट ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। समारोह का उद्देश्य फरवरी 2026 में नई दिल्ली में होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इम्पैक्ट समिट को बढ़ावा देना था, जिसका विषय ‘फ्रॉम एक्शन टू इम्पैक्ट’ था।

मंत्री प्रसाद ने कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा यूएन, यूएनडीपी, यूनेस्को, आईटीयू और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ एआई गवर्नेंस को सस्टेनेबल डेवलपमेंट, डिजिटल इन्क्लूजन और डेवलपिंग देशों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग तथा ग्लोबल साउथ की चिंताओं के साथ जोड़ने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के एक बयान के अनुसार, राज्य मंत्री प्रसाद ने कहा कि यह समिट विजन को अमल में लाने को प्राथमिकता देगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समिट की सफलता को इससे मापा जाना चाहिए कि यह कितनी जिंदगियों को बेहतर बनाता है, न कि इससे कि यह कितने घोषणापत्र जारी करता है। उन्होंने सरकारों, इंडस्ट्री, रिसर्चर्स, सिविल सोसाइटी और इंटरनेशनल संगठनों को इसमें हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करते हुए अपनी बात समाप्त की।

भारत में होने वाले इस समिट के खास मायने माने जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस विशेष अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। यह पहली बार होगा जब ग्लोबल साउथ में कोई वैश्विक एआई समिट आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले ब्लेचली पार्क (ब्रिटेन), सियोल और पेरिस में ऐसे समिट हो चुके हैं। यह समिट तीन बातों पर केंद्रित होगी- लोग, धरती और विकास। भारत का मानना है कि तकनीक तब सबसे ज्यादा काम की तब होती है, जब उसे शुरू से ही सभी के लिए बनाया जाए। इस समिट में सरकार, कंपनियां, वैज्ञानिक और समाज से जुड़े लोग एक साथ आएंगे, ताकि एआई का इस्तेमाल इंसानों की भलाई और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए किया जा सके।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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