Breaking News

प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़ निगरानी, 65 जिलों में मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू

  • 20 जिलों के विकास भवनों में स्थापित केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर रखी जा रही सतत नजर

लखनऊ, 9 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गौ-आश्रय स्थलों पर लगातार निगरानी, प्रबंधन और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों के कुल 6718 ग्रामीण गौ-आश्रय स्थलों में से 65 जनपदों के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। बाकी जनपदों में भी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रिया में है। साथ ही प्रदेश के हरदोई, आगरा, जालौन सहित 20 जनपदों के विकास भवनों में केंद्रीकृत निगरानी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जिसके माध्यम से आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर सतत नजर रखी जा रही है।

योगी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए शेड, स्वच्छ भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था, खड़ंजा, भूसा भंडार गृह, उपचार कक्ष, प्रकाश और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ और व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा रहा है।

पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि गौ-आश्रय स्थलों की बेहतर निगरानी एवं व्यवस्था के समन्वय के लिए राज्य के 20 जनपदों के विकास भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। हरदोई, आगरा, जालौन, झांसी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, जौनपुर, अयोध्या, आजमगढ़, पीलीभीत, कौशांबी, शामली, बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया, एटा, अमरोहा, फर्रुखाबाद और चंदौली में ये कंट्रोल रूम कार्यरत हैं। शेष जनपदों में भी चरणबद्ध ढंग से यह व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र मजबूत होने से गौवंश की देखभाल अधिक व्यवस्थित और जिम्मेदाराना ढंग से हो रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है।

गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के साथ-साथ ठंड से सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थलों पर हरा चारा, तिरपाल, काउ-कोट, अलाव, औषधियां, उपचार सुविधा और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ठंड अथवा अव्यवस्था के कारण किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो।

About Nagarik Satta

Check Also

समावेशी विकास का बड़ा उदाहरण, भारतीय डिजिटल मॉडलः जयशंकर

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों (सीएचओजीएम 2026) के कार्यकारी सत्र में …

एमपी इंटर कॉलेज से भाजपा ने निकाली लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उमड़ा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *