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नगर निगम चुनावों के नतीजों से स्पष्ट हुआ विपक्ष का बिखराव: डॉ सुधांशु त्रिवेदी
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लोकतंत्र खतरे में नहीं, खतरा इंडी गठबंधन के हाथों में है: डॉ सुधांशु त्रिवेदी
लखनऊ, नागरिक सत्ता। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हालिया नगर निगम चुनावों, विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर भाजपा का पक्ष रखा।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भाजपा ने मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा का मेयर बना है, जिससे 40 वर्षों से चले आ रहे कम्युनिस्ट शासन का अंत हुआ। महाराष्ट्र में भी नगर निगम चुनावों में भाजपा की सफलता यह दर्शाती है कि विपक्षी दल लगातार हार और कुंठा के कारण कमजोर होते जा रहे हैं।
उन्होंने इंडी गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह गठबंधन न तो वैचारिक रूप से एकजुट है और न ही संगठनात्मक रूप से। लोकसभा और राज्यसभा में इंडी गठबंधन का कोई औपचारिक अस्तित्व नहीं है। इसके विपरीत एनडीए ने विधिवत बैठक कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना नेता चुना है और इसकी सूचना संसद के दोनों सदनों को दी गई है।
डॉ. त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल में बीएलओ अशोक चंद्र दास की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उन पर भारी मानसिक दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध मतदाताओं के नाम न काटने का दबाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने पंजाब में मीडिया संस्थानों पर की गई छापेमारी और एफआईआर की कार्रवाई को भी लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। साथ ही तमिलनाडु में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और न्यायाधीशों को डराने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विपक्षी शासित राज्यों में लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण का प्रमाण है।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि 2024 के बाद हुए चुनावों में तथाकथित इंडी गठबंधन लगातार बिखरता गया है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी, केरल में कांग्रेस और वाम दल, महाराष्ट्र में कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) अलग-अलग चुनाव लड़े। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में भी इंडी गठबंधन की स्थिति और कमजोर होगी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में केवल एक सीट जीत पाई है, जबकि भाजपा पहली बार मुंबई में मेयर बनाने जा रही है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या उत्तर प्रदेश में अब भी इंडी गठबंधन का कोई अस्तित्व बचा है।
एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि उनके वक्तव्यों में विरोधाभास है। कभी वे अपने वोट बढ़ने की बात कहते हैं और कभी घटने की। इससे उनकी राजनीतिक असमंजस की स्थिति स्पष्ट होती है।
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देश के सामने दो स्पष्ट विकल्प हैं—एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास, सामाजिक समरसता और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का मार्ग, और दूसरी ओर बिखरा हुआ, आपस में लड़ता हुआ विपक्षी गठबंधन। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वह निखरते हुए भारत और बिखरते हुए भारत के बीच अपना निर्णय करे।
NAGARIK SATTA