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वेस्ट-टू-एनर्जी, सीबीजी और स्टील परियोजनाओं से औद्योगिक विकास को नई गति
दावोस। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार का दावोस अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। आयोजन के तीसरे दिन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने स्वच्छ ऊर्जा, स्टील और सर्कुलर इकॉनमी से जुड़ी परियोजनाओं के लिए ₹12,000 करोड़ से अधिक के निवेश समझौतों (MoU) को अंतिम रूप दिया। पूरे दिन चली रणनीतिक बैठकों में वैश्विक और भारतीय अग्रणी कंपनियों के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश, तकनीक हस्तांतरण और दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारियों पर व्यापक चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुरेश कुमार खन्ना ने किया, उनके साथ दीपक कुमार (अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास), अमित सिंह (सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय), विजय किरण आनंद (सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग एवं सीईओ, इन्वेस्ट यूपी व यूपीसीडा) तथा इंदरजीत सिंह (विशेष सचिव, ऊर्जा विभाग एवं निदेशक, यूपीनेडा) भी मौजूद रहे।
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वैश्विक कंपनियों के साथ हुई अहम बैठकें
तीसरे दिन प्रतिनिधिमंडल ने टेक महिंद्रा, ग्रुंडफोस, बी8, फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल, एडेको, रश्मि ग्रुप, क्यूब्लर ग्रुप, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, गोदरेज और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी सहित कई अग्रणी संस्थाओं के साथ बैठकें कीं। इन चर्चाओं में स्वच्छ ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जल समाधान, टेक सेवाएं, स्किल डेवलपमेंट, सस्टेनेबिलिटी और नवाचार आधारित विकास के अवसरों पर फोकस रहा।
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ग्रीन ग्रोथ को मिली मजबूती, बड़े MoU साइन
तीसरे दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि उत्तर प्रदेश की ग्रीन ग्रोथ रणनीति को मजबूती देने वाले निवेश करार रहे। आरईसी लिमिटेड ने 500 मेगावॉट क्षमता की कृषि अवशेष आधारित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के लिए ₹8,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के साथ एमओयू किया। रश्मि मेटलर्जिकल प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य में 1 एमटीपीए एकीकृत स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए ₹4,000 करोड़ निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
कार्बन कम्पास सर्विसेज एलएलपी ने ब्रिकेटिंग और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों एवं कार्बन क्रेडिट मोनेटाइजेशन के लिए ₹820 करोड़ के निवेश इरादे से एमओयू किया, जिसमें ₹30 करोड़ विशेष रूप से मोनेटाइजेशन पहल के लिए प्रस्तावित हैं। रेनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य में 70 टन प्रतिदिन क्षमता वाले सीबीजी संयंत्र स्थापित करने के लिए साझेदारी की, जिससे सर्कुलर इकॉनमी, ग्रामीण आय और स्वच्छ मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। ये सभी पहलें भारत के नेट जीरो 2070 लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
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एबी इनबेव और सिस्को से भी निवेश चर्चा
इसके अलावा दुनिया की सबसे बड़ी ब्रुअरी कंपनी एबी इनबेव (AB InBev) और आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सिस्को (CISCO) ने भी उत्तर प्रदेश प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर राज्य में निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। दावोस में तीसरे दिन की उपलब्धियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक विकास और सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट के लिए तेजी से वैश्विक निवेश हब के रूप में उभर रहा है।
NAGARIK SATTA