Breaking News

आवासीय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की योगी सरकार की नई पहल

  • औरैया बना मॉडल जिला, आवासीय नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

लखनऊ, 23 जनवरी। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में औरैया जनपद ने आवासीय सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण व दूरदर्शी कदम उठाते हुए प्रदेश के लिए मॉडल प्रस्तुत किया है। औरैया जिले में रणनीतिक निर्णय के तहत अब नए बनने वाले आवासीय भवनों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया में सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बिजली की बचत करना है, बल्कि पर्यावरण व जल संरक्षण भी सुनिश्चित करना है।

प्रस्ताव के अंतर्गत संबंधित नगर पालिकाएं, नगर निगम एवं नगर पंचायतें अपनी बोर्ड बैठकों में प्रस्ताव पारित कर इस व्यवस्था को लागू कर सकती हैं। नक्शा स्वीकृति के बाद भवन निर्माण में सोलर पैनल और वर्षा जल संचयन प्रणाली का क्रियान्वयन अनिवार्य होगा। इससे शहरी व ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी का दायरा भी व्यापक होगा।

औरैया जनपद की इस पहल को अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय बताया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि सभी जनपदों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नीतिगत निर्णय लेकर शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों के स्तर पर आवासीय सौर ऊर्जा का प्रयोग बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर हो रहा है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1191.64 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 50 लाख यूनिट कार्बनमुक्त बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम के माध्यम से आम नागरिकों को प्रतिदिन औसतन लगभग 3.25 करोड़ रुपये की बिजली बचत का लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त इस पहल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और लगभग 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही सोलर रूफटॉप मॉडल के कारण लगभग 4500 एकड़ भूमि का संरक्षण संभव हो सका है, जिसे अब अन्य विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह पहल ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मज़बूत हो रही है। योगी सरकार का मानना है कि औरैया का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू होने से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

About Nagarik Satta

Check Also

शानदार प्रदर्शन करते हुए बीपीएड की टीमों ने जीती वॉलीबॉल ट्रॉफी

लखनऊ। क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज, लखनऊ के वॉलीबॉल मैदान में आयोजित दो दिवसीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट के …

डबल इंजन सरकार में गरीबों और महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव: एके शर्मा

मंत्री एके शर्मा ने उज्ज्वला योजना महिलाओं के स्वास्थ्य व सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *