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शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा और 1 करोड़ मुआवजा देने की मांग तेज, सत्याग्रह को कांग्रेस का समर्थन

देवरिया। होर्मुज स्ट्रेट के पास हुए अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी एवं मर्चेंट नेवी कर्मचारी शिवानंद चौरसिया के परिजन मुआवजे की मांग को लेकर सुभाष चौक पर धरने पर बैठे हैं। परिजनों की मांग है कि शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा दिया जाए तथा परिवार के भरण-पोषण के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। उनके इस सत्याग्रह को कांग्रेस पार्टी का भी समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवानंद चौरसिया के परिजनों से फोन पर बात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने तथा हर संभव सहायता के लिए साथ खड़े रहने का भरोसा भी दिया।

इसी क्रम में रविवार को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे और धरने में शामिल हुए। उनके साथ कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ‘राकेश’ सहित अन्य कांग्रेसजन भी मौजूद रहे। इस दौरान अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि शिवानंद चौरसिया की मृत्यु युद्ध क्षेत्र में मिसाइल हमले के दौरान हुई है, इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। साथ ही परिवार के भरण-पोषण और भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी एवं मर्चेंट नेवी कर्मचारी शिवानंद चौरसिया 10 जून को ओमान से ईरान की ओर जा रहे जहाज पर ड्यूटी पर थे। इसी दौरान होर्मुज स्ट्रेट के पास जहाज पर हमला हुआ, जिसमें शिवानंद चौरसिया समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य 21 क्रू सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए। बुधवार शाम शिवानंद चौरसिया का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा था। अंतिम संस्कार से पहले मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, आईजी एस. चन्नप्पा, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर शिवानंद के घर पहुंचे। इस दौरान परिजनों ने पत्नी को नौकरी तथा बच्चों के भरण-पोषण के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग रखी। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरहज के कटईलवा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। शिवानंद को उनके पांच वर्षीय पुत्र समर ने नम आंखों से मुखाग्नि दी।

उल्लेखनीय है कि सुरौली थाना क्षेत्र के सुरौली गांव निवासी 38 वर्षीय शिवानंद चौरसिया करीब छह महीने पहले मुंबई से सिंगापुर स्थित मर्चेंट नेवी में नौकरी करने गए थे। उन्हें एमटी सेट बेलो ऑयल टैंकर जहाज पर फीटर के पद पर नियुक्ति मिली थी।

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