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निशिकांत दुबे, शशि थरूर, सुप्रिया सुले, तेजस्वी सूर्या, नवीन जिंदल, संजय राउत, मनोज तिवारी सहित विभिन्न दलों के सांसद शामिल
नई दिल्ली। देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के कई चर्चित सांसदों को फेम इंडिया मैगज़ीन और एशया पोस्ट सर्वे द्वारा किए गए राष्ट्रीय सर्वेक्षण में वर्ष के उत्कृष्ट सांसदों की सूची में स्थान मिला है। अंतिम सूची में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), समाजवादी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग तथा अन्य दलों के सांसद शामिल हैं। यह चयन किसी राजनीतिक विचारधारा या लोकप्रियता के आधार पर नहीं, बल्कि संसदीय प्रदर्शन, जनसरोकार, विकासात्मक कार्यों और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता के व्यापक मूल्यांकन पर आधारित है।
इस प्रतिष्ठित सूची में अनुराग ठाकुर, शशि थरूर, सुप्रिया सुले, तेजस्वी सूर्या, नवीन जिंदल, मनोज तिवारी, चंद्रशेखर आज़ाद, निशिकांत दुबे, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, अरुण गोविल, संजय राउत, डेरेक ओ’ब्रायन सहित कई प्रमुख सांसदों को स्थान मिला है। पहली बार इस सर्वेक्षण में राज्यसभा के सदस्यों को भी शामिल किया गया, जिसके बाद राज्यसभा से पांच सांसदों का चयन किया गया।
फेम इंडिया मैगज़ीन के एडीटर-इन-चीफ धीरज कुमार ‘भारद्वाज’ के अनुसार यह सर्वेक्षण कई चरणों में सम्पन्न किया गया। प्रारंभिक चरण में देशभर के सांसदों का मूल्यांकन संसदीय उपस्थिति, सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी, बहसों में योगदान, पूछे गए प्रश्न, प्रस्तुत निजी विधेयकों, सांसद निधि के उपयोग तथा सामाजिक सहभागिता जैसे वस्तुनिष्ठ मानकों पर किया गया। इसके बाद चयनित सांसदों का विस्तृत अध्ययन किया गया, जिसमें जनसंपर्क, क्षेत्रीय विकास, नेतृत्व क्षमता, सार्वजनिक छवि, कार्यशैली, नवाचार, सामाजिक स्वीकार्यता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का भी विश्लेषण शामिल रहा।
सर्वेक्षण को अधिक व्यापक और सहभागी बनाने के लिए नागरिकों, शिक्षाविदों, वरिष्ठ पत्रकारों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय भी शामिल की गई। इसके साथ ही संसदीय रिकॉर्ड, उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों और ग्राउंड रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया गया, ताकि मूल्यांकन अधिकतम निष्पक्ष, संतुलित और वैज्ञानिक हो।
फेम इंडिया मैगज़ीन के मैनेजिंग एडीटर अनिल सिंह ने बताया कि सर्वेक्षण के प्रारंभिक चरण में लगभग 100 सांसदों की सूची सार्वजनिक कर नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त सुझावों और आगे के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर अंतिम चरण में सांसदों का पुनर्मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद 25 लोकसभा और 5 राज्यसभा सांसदों की अंतिम सूची तैयार की गई।
इस वर्ष सर्वेक्षण की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि पहली बार राज्यसभा के सदस्यों का भी तुलनात्मक अध्ययन किया गया। चूंकि राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल अलग-अलग समय पर प्रारंभ होता है, इसलिए उनका मूल्यांकन अपेक्षाकृत जटिल था। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने वस्तुनिष्ठ मानकों के आधार पर मूल्यांकन को अधिकतम वैज्ञानिक और निष्पक्ष बनाने का प्रयास किया।
सर्वेक्षण में मंत्रिपरिषद के सदस्यों तथा लोकसभा और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष को शामिल नहीं किया गया, ताकि सांसदों के स्वतंत्र संसदीय योगदान और जनप्रतिनिधि के रूप में उनके प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा सके।
फेम इंडिया मैगज़ीन का मानना है कि लोकतंत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों को उचित पहचान और सम्मान मिलना चाहिए। सकारात्मक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने से न केवल जनप्रतिनिधियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
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वर्णानुक्रम में चयनित सांसद
लोकसभा (25): अनुराग ठाकुर, अरुण गोविल, एन. के. प्रेमचंद्रन, कंवर सिंह तंवर, के. नवास कनी, चंद्रशेखर आज़ाद, जगदंबिका पाल, दामोदर अग्रवाल, दिलीप सैकिया, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, डॉ. आलोक कुमार सुमन, तेजस्वी सूर्या, नवीन जिंदल, निशिकांत दुबे, पी. पी. चौधरी, भरतृहरि महताब, मनीष तिवारी, मनोज तिवारी, राजीव राय, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, राहुल कसवां, शशि थरूर, स्मिता उदय वाघ, सुप्रिया सुले तथा हरेंद्र मलिक।
राज्यसभा (5): डेरेक ओ’ब्रायन, मयंक भाई जयदेव भाई नायक, लक्ष्मीकांत बाजपेयी, संजय राउत तथा सस्मित पात्र।
NAGARIK SATTA