- राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर घुमंतू जनजाति की महिलाओं का सम्मान, राज्यपाल ने बांटे प्रमाण-पत्र और सिलाई मशीनें
लखनऊ। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर समरसता सेवा संस्थान एवं घुमंतू जनजाति परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सिलाई एवं कढ़ाई का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली घुमंतू जनजाति की महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर महिलाओं को 10 सिलाई मशीनें भी उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे प्रशिक्षण में सीखे हुनर के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।
राज्यपाल ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके हुनर और रचनात्मकता की सराहना की। कार्यक्रम में घुमंतू जनजाति परिषद एवं अन्य समुदायों के बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसकी राज्यपाल ने सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
महिलाओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हुनर और आत्मनिर्भरता महिलाओं के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल प्रशिक्षण से महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर को आगे बढ़ाकर स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण को पूरी लगन और मेहनत से सीखकर उसमें दक्षता हासिल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से घुमंतू एवं वंचित समुदायों को कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा और आजीविका के साधन उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। पात्र लोगों को भूमि के पट्टे, आवास और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने अधिकारियों एवं ग्राम प्रधानों से ऐसे घुमंतू एवं वंचित समुदाय के लोगों की सूची तैयार करने को कहा, जो अभी तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सके हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों की सूची जिलाधिकारी कार्यालय के साथ राज्यपाल कार्यालय को भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा सकें।
प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों को लेकर राज्यपाल ने कहा कि प्रमाण-पत्र पर प्रशिक्षण की अवधि और प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। इससे महिलाओं को आगे रोजगार अथवा स्वरोजगार प्राप्त करने में प्रमाण-पत्र उपयोगी साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्रमाण-पत्र हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीखे गए हुनर में दक्षता हासिल करना जरूरी है।
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों को अपने खाली पड़े शैक्षणिक भवनों और संसाधनों का उपयोग कर कम से कम 500 युवाओं अथवा ऐसे लोगों के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिन्होंने किसी कारणवश शिक्षा बीच में छोड़ दी है, लेकिन हुनर सीखकर आगे बढ़ना चाहते हैं। प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने घुमंतू समुदाय से कम से कम 100 ऐसे लोगों की सूची उपलब्ध कराने का आह्वान किया, जिन्हें कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों के माध्यम से उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण के बाद प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही।
कार्यक्रम में बेटियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने उन्हें असामाजिक तत्वों से दूर रहने तथा शिक्षा और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने बालिका गृहों में रहने वाली बेटियों के लिए विश्वविद्यालयों द्वारा शिक्षा, कौशल विकास, पाक-कला, स्वास्थ्य देखभाल एवं पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।
राज्यपाल ने सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रहीं ढाई हजार ‘ग्रीन आर्मी’ की महिलाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ये महिलाएं स्वच्छता, नशामुक्ति, तालाबों की खुदाई एवं साफ-सफाई सहित विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। मीरजापुर में सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने के साथ उनके कार्यों के संचालन के लिए आवास की व्यवस्था भी कराई गई है।
उन्होंने बताया कि महाकुंभ के बाद श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए वस्त्रों को इन महिलाओं द्वारा एकत्र कर साफ-सफाई के बाद बैग एवं अन्य परिधान तैयार किए जा रहे हैं। महिलाओं के उत्पादों की बिक्री एवं विपणन की उचित व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। चप्पल निर्माण के लिए सामग्री खरीदने हेतु जन भवन की ओर से 8.50 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। महिलाओं द्वारा तैयार स्लीपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजे गए थे, जिसकी उन्होंने सोशल मीडिया पर सराहना की।
राज्यपाल ने प्रदेश में बेटियों के निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट के सहयोग से आकांक्षी जनपदों की बालिकाओं के लिए 3 लाख एचपीवी वैक्सीन डोज उपलब्ध कराने के लिए समझौता ज्ञापन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 5,91,759 एचपीवी टीकाकरण हो चुके हैं।
समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और समानता की भावना को मजबूत करने की दिशा में लगातार मार्गदर्शन दे रही हैं। उन्होंने बताया कि विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समाज के कल्याण और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश में घुमंतू विकास बोर्ड का गठन किया गया है। यह बोर्ड मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कार्य करेगा।
संस्थान के संस्थापक सुनील शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में संस्थान द्वारा संचालित सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी। रीना सिंह ने महिलाओं के उत्थान, सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता पर विचार रखे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य पवन कुमार सिंह, घुमंतू जनजाति परिषद अवध प्रांत के संगठन मंत्री राजेश पांडेय, घुमंतू समुदाय के बड़ी संख्या में परिवारजन तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
NAGARIK SATTA
