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अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए इतनी बड़ी इमारत कहीं नहीं बनी : CJI

  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय में नवनिर्मित इन्फ्रास्ट्रक्चर एक मॉडल साबित होगा : मुख्यमंत्री

प्रयागराज, 31 मई। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शनिवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय प्रयागराज में अधिवक्ता चेम्बर हेतु नवनिर्मित भवन तथा मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया। उन्होंने भूतल पर स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, हाईकोर्ट ब्रांच तथा पोस्ट ऑफिस इलाहाबाद हाईकोर्ट का उद्घाटन भी किया। 

मुख्य न्यायमूर्ति तथा मुख्यमंत्री ने मल्टीलेवल पार्किंग तथा अधिवक्ता चेम्बर हेतु नवनिर्मित भवन का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में मल्टीलेवल पार्किंग तथा अधिवक्ता चेम्बर हेतु नवनिर्मित भवन में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विजन डाक्यूमेन्ट के माध्यम से जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा कि आज पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की जयन्ती है। अहिल्याबाई होल्कर ने देश में सामाजिक न्याय की भावना के साथ अनेक कार्य किये। उनकी जयन्ती पर इस कार्यक्रम का आयोजन अत्यन्त गौरवशाली है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनने के पश्चात उन्हें पहला ऑफिशियल कार्यक्रम प्रयागराज की धरती पर करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उत्तर प्रदेश की भूमि प्रतिभाशाली लोगों से सम्बन्धित है। योगी आदित्यनाथ जी इस देश में सबसे कर्मठ और योग्य मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश का गरिमामयी इतिहास रहा है। स्वतंत्रता पूर्व तथा प्रिवी काउंसिल के समय अनेक प्रसिद्ध कानूनविद् उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित थे। हिन्दी साहित्य के अनेक प्रसिद्ध साहित्यकार तथा कवि इसी धरा से रहे हैं। स्वतंत्रता आन्दोलन में चन्द्रशेखर आजाद का बलिदान हम सभी के लिए स्मरणीय है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमारा संविधान देश को प्रगति के पथ पर निरन्तर अग्रसर कर रहा है। भारतीय संविधान ने युद्ध और शान्ति के समय देश को हमेशा संगठित रखा है। हमारे पड़ोसी देशों की परिस्थितियां किसी से छिपी नहीं हैं। जब भी देश पर संकट आया है, देश ने मजबूती के साथ उसका सामना किया है। इसका श्रेय भारतीय संविधान को ही जाता है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आज यहां अधिवक्ता चेम्बर तथा मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया जा रहा है। देश और दुनिया में अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए इतनी बड़ी इमारत कहीं नहीं बनी है। कार्यपालिका व न्यायपालिका के समन्वय तथा फण्ड के बिना इस भवन का निर्माण असम्भव था। मुख्यमंत्री जी ने फण्ड उपलब्ध कराकर इस कार्य को सम्भव बनाया है। इस अवसंरचना के निर्माण से न्यायमूर्तिगण, अधिवक्तागण तथा वादकारियों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने घोषित किया है कि उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी एकीकृत कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जहां एक छत के नीचे अधिवक्ताओं तथा वादकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्राप्त होंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय में नवनिर्मित इन्फ्रास्ट्रक्चर एक मॉडल साबित होगा। यह मॉडल बार और बेंच के साथ-साथ वादकारियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। अधिवक्ता चेम्बर तथा मल्टीलेवल पार्किंग के साथ-साथ कैफेटेरिया की भी व्यवस्था की गई है। इसमें आधुनिक किचन तथा कॉन्फ्रेंस हॉल की सुविधा प्रदान की गई है। वर्ष 2017 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आगमन हुआ था। उस समय उन्होंने कहा था कि रूल ऑफ लॉ सुशासन की पहली शर्त है। कानून के शासन में बार और बेंच के साथ-साथ वादकारी का भी महत्व होता है। अधिवक्तागण द्वारा कुशलतापूर्वक कार्य सम्पन्न करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तथा वातावरण अत्यन्त आवश्यक हैं।      

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रदेश की अर्बन बॉडीज से बार-बार कहते हैं कि मल्टीलेवल पार्किंग तभी सफल होगी, जब आप उसकी कुछ जगह को कॉमर्शियल रूप से उपयोग करेंगे। जनपद गोरखपुर में मल्टीलेवल पार्किंग में कॉमर्शियल स्पेस देने की वजह से पूरा कॉम्प्लेक्स फुल होता हुआ दिखायी देता है। लोग मल्टीलेवल पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर कॉम्प्लेक्स की सुविधाओं का आनन्द उठाते हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में नवनिर्मित इन्फ्रास्ट्रक्चर इससे भी अच्छी व्यवस्था प्रदान करता है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय का यह बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर हमें इस बात के लिए आश्वस्त करता है कि न्याय की गति प्रदेश की प्रगति को तेजी से नये आयाम प्रदान करेगी।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष भारतीय संविधान के लागू होने का अमृत महोत्सव वर्ष है। भारत रत्न डॉ भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में निर्मित संविधान के प्रति हम सभी प्रतिबद्ध हैं।

इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय, अन्य न्यायाधीश, अधिवक्ता तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।    

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