आगरा। वर्तमान में लोग कंधे के फैक्चर, कंधे की मांसपेशियों का टूटना,कंधे का बार बार उतरना, कंधे के जोड़ का घिसना और कंधे का जाम होना जैसे रोगों से निरंतर ग्रसित हो रहे हैं।ऑर्थाेपेडिक चिकित्सकों के शोल्डर कॉन्क्लेव में कंधे से संबंधित होने वाली समस्याओं और रोगों के कारण,बचाव और आधुनिक उपचार पर हुआ मंथन,ट्रोमा, आर्थ्राेस्कॉपी और रिप्लेसमेंट पर हुई चर्चा। अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली और जयपुर, समुचित इलाज की सुविधा आगरा में मिलेगी,वहीं दूसरी ओर स्पोर्ट्स इंजरी के सफल इलाज पर भी दिया गया जोर। कंधे के फैक्चर, मांसपेशियों का टूटना, बार-बार उतरना, जोड़ का घिसना और कंधे का जाम होना संबंधित विषय रहे प्रमुख।
होटल क्लार्क सिराज में आगरा ऑर्थाेपेडिक सोसाइटी के तत्वाधान में आगरा शोल्डर कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस दौरान 200 से अधिक देशभर के ऑर्थाेपेडिक सर्जन ने विभिन्न सत्रों में सहभागिता कर कंधे से संबंधित चोटों के कारण, बचाव और आधुनिक उपचार पर चर्चा की। कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता और विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ रवि सभरवाल, आयोजन अध्यक्ष डॉक्टर मुकेश गोयल, आयोजन सचिव डॉक्टर गौरव राजपाल, आगरा ऑर्थाेपेडिक सोसाइटी अध्यक्ष डॉ. अतुल अग्रवाल, सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. संजीव बोहरा ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आखिर मरीज दिल्ली और जयपुर क्यों जा रहे हैं। आगरा में सभी प्रकार के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके प्रचार प्रसार की आवश्यकता है। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीकी से सर्जरी आगरा में प्रारंभ हो चुकी है, उसमें कंधे की सर्जरी में कॉन्क्लेव एक अहम भूमिका निभाएगी।

आयोजन अध्यक्ष डॉक्टर मुकेश गोयल और आयोजन सचिव डॉक्टर गौरव राजपाल ने बताया कि विभिन्न सत्रों में पैनल विशेषज्ञों में दिल्ली के सीताराम भारती हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र माहेश्वरी, लखनऊ के केजीएमयू के आर्थाेपेडिक विभाग अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार, कोलकाता से इंडियन ऑर्थाेपेडिक सोसाइटी के सचिव डॉक्टर राजीव रमन, गुड़गांव मैक्स हॉस्पिटल के हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ. विकास गुप्ता, जयपुर के सुवीरा हॉस्पिटल के स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव गुप्ता और वाराणसी के वरिष्ठ आर्थ्राेस्कोपी सर्जन डॉक्टर विनय पांडेय ने कंधे से संबंधित विभिन्न प्रकार की चोट और आधुनिक उपचार की प्रणाली से चिकित्सकों को अवगत कराया। उन्होंने स्पोर्ट्स इंजरी और एक्सीडेंटल इंजरी में दूरबीन विधि से होने वाली आधुनिक सर्जरी पर व्याख्यान देते हुए अपने अनुभवों को भी साझा किया. आयोजन अध्यक्ष डॉ.मुकेश गोयल और आयोजन सचिव डॉ.गौरव राजपाल ने अतिथियों और चिकित्सकों का आभार जताया।
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इनका रहा विशेष सहयोग
कॉन्क्लेव में वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर एससी साहू, डॉ. डीवी शर्मा, एसएन मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग अध्यक्ष डॉक्टर अमृत गोयल, सेंट्रल जोन के अध्यक्ष डॉक्टर संजय धवन, वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर अरुण कपूर, डॉक्टर संजय चतुर्वेदी, डॉक्टर बृजेश शर्मा, डॉ. अश्विनी सड़ाना, डॉ.संजय प्रकाश, रोबोटिक्स ऑर्थाे सर्जन डॉ. मेघल गोयल, डॉ.अनुप खरे, डॉ. विपुल अग्रवाल और डॉक्टर रजत कपूर का विशेष सहयोग रहा।
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लाइव सर्जरी की रिकॉर्डिंग का हुआ प्रसारण
आयोजन अध्यक्ष डॉ.मुकेश गोयल ने बताया कि शोल्डर कॉन्क्लेव में ट्रांस यमुना स्थित गोयल सिटी हॉस्पिटल में वरिष्ठ सर्जन डॉ.जितेंद्र माहेश्वरी और डॉक्टर विनय पांडेय द्वारा आधुनिक पद्धति श्दूरबीन विधिश् से दो निःशुल्क सर्जरीं कीं गईं। इस तरह की सर्जरी के लिए मरीजों को बाहर दिल्ली-मुम्बई जाकर दो से तीन लाख रुपये खर्च करने पड़ते,जो यहाँ निःशुल्क की गईं,जिनकी रिकॉर्डिंग,लाइव प्रसारण भी किया गया।
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स्पोर्ट्स इंजरी का सफल इलाज करेगी आधुनिक सर्जरी
आयोजन सचिव डॉक्टर गौरव राजपाल ने बताया कि स्पोर्ट्स इंजरी के इलाज के लिए आधुनिक तकनीकी आर्थ्राेस्कॉपी सफल कारगर साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि कंधे की समस्त चोटों का इलाज अब आगरा में उपलब्ध है।
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आधुनिक तकनीकी से मरीज को मिलेगा उचित इलाज
वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर जितेंद्र माहेश्वरी के अनुसार इस प्रकार के कांक्लेव के आयोजन से जहां चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकी से होने वाले इलाज की जानकारी मिलती है,वहीं दूसरी ओर मरीजों को उचित इलाज उपलब्ध होता है।
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कंधे की चोट से मिलेगा छुटकाराः डॉ. विनय पांडे
वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर विनय पांडे ने लाइव सर्जरी के माध्यम सेआधुनिक तकनीकी के विषय में चिकित्सकों को बताया,कंधे की चोट मे दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए आर्थ्राेस्कॉपी मुख्य भूमिका निभा रही है।
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कॉन्क्लेव से युवा चिकित्सकों को सीखने का मिला अवसर
इंडियन ऑर्थाेपेडिक सोसाइटी के सचिव डॉक्टर राजीव रमन के अनुसार कॉन्क्लेव में दो लाइव सर्जरी की रिकॉर्डिंग का प्रसारण हुआ,जिससे युवा चिकित्सकों को सीखने का अवसर मिला। इस प्रकार के कॉन्क्लेव से कंधे की चोटों के दर्द से मरीजों को छुटकारा मिलेगा।
NAGARIK SATTA