लखनऊ। उत्तर प्रदेश को प्रमुख विनिर्माण और निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (आईआईईपी) 2022 के तहत ₹1829.09 करोड़ की निवेश परियोजनाओं के लिए ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ (LoC) की संस्तुति की गई। ये संस्तुतियां मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में लोक भवन में आयोजित हाई-लेवल एम्पावर्ड कमेटी एवं एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में की गईं।
लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) राज्य सरकार की संप्रभु प्रतिबद्धता कि किसी विशेष योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता मानदंडों एवं अन्य स्वीकृत प्रावधानों की पूर्ति पर प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं। संस्तुति वाले प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के छह प्रमुख जनपदों, उन्नाव, रायबरेली, बुलंदशहर, हरदोई, मिर्जापुर और गौतम बुद्ध नगर से संबंधित हैं। ये आवेदन फरवरी से जून 2025 के बीच निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुए थे, जिन्हें विविध क्षेत्रों की प्रतिष्ठित कंपनियों ने प्रस्तुत किया था।
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प्रमुखत: ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ की संस्तुति को तीन औद्योगिक श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
- मेगा श्रेणी: ₹1225.33 करोड़ (आयरन एवं स्टील, वस्त्र एवं हस्तशिल्प, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में)
- सुपर मेगा श्रेणी: ₹549.26 करोड़ (स्टील उत्पाद क्षेत्र में)
- लार्ज श्रेणी: ₹54.5 करोड़ (इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स और कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र में)
इन प्रस्तावों में सभी निवेशकों ने एसजीएसटी (SGST) आधारित प्रोत्साहनों के लिए आवेदन किया है, जबकि एक निवेशक ने पूंजी अनुदान (capital subsidy) के तहत प्रोत्साहन की मांग की है। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत प्रोत्साहन संरचना विभिन्न उद्योगों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित कर रही है।
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रक्रियात्मक विलंब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सभी प्रस्तावों को शीघ्रता से धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि निवेश प्रक्रियाओं को और सरल बनाना आवश्यक है, ताकि प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिल सके, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
NAGARIK SATTA