लखनऊ। आवास विकास परिषद उत्तर प्रदेश में कई नई आवासीय योजनाएं शुरू करने जा रहा है। जिसमें विभिन्न शहरों में फ्लैट और प्लॉट उपलब्ध होंगे। परिषद उन्नाव, बांदा, चित्रकूट तथा वाराणसी में नई आवासीय योजनाएं शुरू करेगा। लखनऊ की नई जेल रोड योजना की बुकिंग दो महीने के भीतर खुलेगी । आवास विकास की विभिन्न योजनाओं में रिक्त 11,000 फ्लैटों के लिए फिर से पहले आओ पहले पाओ योजना शुरू होगी। इन फ्लैटों पर डिस्काउंट भी मिलेगा । बुंदेलखंड के चित्रकूट व बांदा जिले में दो नई आवासीय योजनाएं लाई जा रही हैं, जिनमें 14000 से अधिक आवास बनेंगे। आवास विकास परिषद की कॉलोनियों में अब मकान बनवाने वाले दुकान या कार्यालय भी बना सकेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए आवास निर्माण के लिए अग्रिम राशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया है।
लखनऊ की अवध विहार व वृंदावन योजना में 2500 फ्लैटों के लिए बुकिंग खुलेगी, लेकिन लखनऊ की योजना में कोई छूट नहीं मिलेगी।
मंगलवार को प्रमुख सचिव आवास पी. गुरु प्रसाद की अध्यक्षता तथा आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह की उपस्थिति में हुई बोर्ड बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने प्रदेश के कई शहरों में नई आवासीय योजना लाने का प्रस्ताव तैयार कराया था, जिसमें से चार योजनाओं को मंगलवार को बोर्ड से मंजूरी मिल गई। इनमें से वाराणसी योजना में जमीन खरीदने की मंजूरी का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे बोर्ड ने पास कर दिया है। जबकि तीन योजनाएं पूरी तरह से नई हैं।
आवास विकास परिषद उन्नाव के गदनखेड़ा सिंगरौली में नई आवासीय योजना लाने जा रहा है। इस योजना के विकास पर ₹700 करोड़ खर्च होगा। बोर्ड ने धारा-31(2) की स्वीकृति दे दी है। प्रस्ताव पारित हो गया है। इससे अब यहां जमीन खरीदने का रास्ता साफ हो गया है।
आवास विकास परिषद वाराणसी के जीटी रोड बाईपास पर नई आवासीय योजना ला रहा है। यह योजना निविया, फरीदपुर, हंसापुर, नकाईन, सदलपुर, सगहट, कादीपुर, मीरापुर, रामपुर तथा मिसिरपुर गांवों की जमीन पर विकसित होगी। कुल 535.9258 हेक्टेयर जमीन अर्जित की जा रही है। इस योजना के विकास पर 3,158.09 करोड़ खर्च होगा। चित्रकूट के कर्वी में 64.894 हेक्टेयर जमीन पर नई आवासीय योजना विकसित होगी। इस योजना के विकास पर कुल ₹894.68 करोड़ खर्च होगा। इस भूमि पर 4,450 आवासीय मकान व प्लॉट विकसित होंगे।
जबकि बांदा में 337.94 एकड़ में आवासीय योजना विकसित होगी। इसके लिए यहां के ग्राम मवई बुजुर्ग की 337.94 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इस जमीन पर कुल 9,500 आवासीय प्लॉट विकसित किए जाएंगे। योजना के विकास और जमीन अधिग्रहण पर ₹1,389.51 करोड़ का खर्च आएगा।
आवास विकास की लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा सहित कई शहरों में फ्लैट रिक्त पड़े हैं। ये बिक नहीं रहे हैं। आवास विकास परिषद अब इन्हें फिर से पहले आओ पहले पाओ योजना के तहत बेचेगा। लखनऊ की अवध विहार तथा वृंदावन योजना में लगभग 2,500 फ्लैट रिक्त हैं। इनकी कीमत ₹19 लाख से ₹1.25 करोड़ तक है। ईडब्ल्यूएस व एलआईजी के भी काफी फ्लैट रिक्त हैं। लखनऊ के रिक्त फ्लैटों पर कोई छूट नहीं मिलेगी, जबकि गाजियाबाद सहित अन्य शहरों की योजनाओं में रिक्त फ्लैटों पर पूर्व की तरह छूट दी जाएगी। पूर्व में इन फ्लैटों की कीमतों में 40 प्रतिशत तक कमी की गई थी। एकमुश्त पैसा जमा करने पर 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट सभी योजनाओं में मिलेगी।
आवास विकास परिषद में भी नई बिल्डिंग बाईलॉज को लागू करने की मंजूरी मिल गई है। शासन ने हाल ही में नई बिल्डिंग बाईलॉज को पूरे प्रदेश में लागू करने का आदेश जारी किया था। अब आवास विकास की बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी है, जिससे अब आवास विकास भी नए बाईलॉज के हिसाब से बिल्डिंग के नक्शे पास करेगा।
सिकंदरा योजना, आगरा के सेक्टर 3ए में इंटेलिजेंस ब्यूरो को 2,400 वर्गमीटर का भूखंड देगा। 600-600 वर्गमीटर के एक साथ चार भूखण्ड दिए जाएंगे। यह चारो व्यावसायिक भूखण्ड हैं। इनका भू- उपयोग बदला जाएगा।
आवास विकास परिषद की अयोध्या योजना में पंजीकरण शुरू हो गया है। 312 भूखंडों के लिए पंजीकरण शुरू हुआ है। सचिव आवास डॉ. नीरज शुक्ला ने बताया कि अभी तक इसके लिए 185 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इस योजना के पंजीकरण के बाद जल्दी ही और अच्छे प्राइम लोकेशन पर भूखंडों का पंजीकरण खोला जाएगा। अयोध्या योजना काफी प्राइम लोकेशन पर विकसित की जा रही है।
NAGARIK SATTA