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पीएम मोदी किसान सम्मान निधि जारी की व 2200 रूपए के 52 प्रोजेक्ट लांच किए
अखिलेश पाण्डेय,
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में देशभर के किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की। इस दौरान उन्होंने काशी में 2,200 करोड़ रुपए के 52 प्रोजेक्ट लॉन्च किए। पीएम मोदी ने विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैंने बेटियों के सिंदूर का बदला लेने के लिए जो वचन दिया था, वो पूरा हो गया। ये महादेव के आशीर्वाद से ही पूरा हुआ। मैं ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित करता हूं। अगर पाकिस्तान ने फिर कोई पाप किया तो हमारी मिसाइलें आतंकियों को तबाह कर देंगीं। ऑपरेशन सिंदूर में भारत के स्वेदशी हथियारों की ताकत पूरी दुनिया ने देखीं। ड्रोन, मिसाइलें, एयर डिफेंस ने आत्मनिर्भर भारत की ताकत को साबित किया है। पाकिस्तान में तो इतना खौफ है कि ब्रह्मोस की आवाज भी आ जाए तो पाकिस्तान को नींद नहीं आती है।
पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया को बढ़ावा देते हुए कहा कि हम उन चीजों को खरीदेंगे, जिसे बनाने में किसी न किसी भारतीय का पसीना बहा है। हमें वोकल फॉर लोकल मंत्र को अपनाना होगा। हम संकल्प लें कि हमारे घर में जो भी नया सामान आया, वो स्वदेशी ही होगा। ये जिम्मेदारी हर नागरिक को ही लेनी होगी। मैं दुकानदार भाइयों से आग्रह करता हूं, जब दुनिया इस तरह की अस्थिरता से गुजर रही है तो हम सिर्फ स्वदेशी माल ही बेचेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर को तमाशा कहा है। क्या सिंदूर को कोई तमाशा कह सकता है। हमारी सेना का पराक्रम और बहनों के सिंदूर का बदला, तमाशा कहने की ये हिम्मत, ये निर्लज्जता, वोटबैंक और तुष्टीकरण की इस राजनीति में सपा भी पीछे नहीं है। सपा के नेता संसद में कह रहे थे कि पहलगाम के आतंकियों को अभी क्यों मारा? अब बताइए, मैं फोन करके इनसे पूछूं। ये वही लोग हैं जब यूपी में सत्ता में थे तो आतंकियों को क्लीनचिट देते थे। बम धमाके करने वालों से मुकदमे वापस लेते थे। मैं काशी की धरती से कहना चाहता हूं। ये नया भारत है। भोलेनाथ को भी पूजता है। दुश्मनों के सामने काल भैरव भी बन जाता है। पाकिस्तान का ये दुख सपा और कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा। उधर, आतंक का आका रोता है। इधर कांग्रेस-सपा वाले आतंकियों की हालत देखकर रोते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा लखपति दीदी बन चुकी हैं। लक्ष्य का आधा काम पूरा कर लिया। ये आंकड़ा सुनकर सपा वाले साइकिल लेकर भाग जाएंगे। सरकार के ड्रोन दीदी अभियान ने लाखों लोगों की आय बढ़ाई है। आज यूपी इतनी तेजी से विकास कर रहा है। सपा के समय में यूपी में अपराधी बेखौफ थे। निवेशक यूपी आने से डरते थे। भाजपा की सरकार में अपराधियों में खौफ है। आज निवेशक यूपी में भरोसा देख रहे हैं।
जनसभा को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की काशी में उपस्थिति पवित्र श्रावण मास में ऐसे समय में हुई है, जब पूरा विश्व ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत के सामर्थ्य और शक्ति का एहसास कर रहा है। नया भारत दुश्मन के घर में घुसकर उनका खात्मा करने का साहस रखता है। प्रधानमंत्री दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता है। पूरी दुनिया लोक कल्याण के लिए उनकी दूरदर्शिता का लोहा मानती है। विगत 11 वर्षों में दुनिया के 04 दर्जन से अधिक देशों ने अपना सर्वाेच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की संसद में प्रधानमंत्री इस अविनाशी काशी का प्रतिनिधित्व करते हैं। काशी का महत्व प्रधानमंत्री ने अपने इन शब्दों में स्वयं व्यक्त किया है कि काशी की आत्मा सनातन है और आत्मीयता वैश्विक है। विगत 11 वर्षों से काशी नूतन और पुरातन संस्कृति के समन्वय के साथ ही, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के संगम के रूप में दुनिया के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई काशी में हम सभी को समग्र विकास की अवधारणा देखने को मिल रही है। आज प्रधानमंत्री जी काशी को 2,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उपहार देने आए हैं। इनमें कनेक्टिविटी, जलापूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद तथा सांस्कृतिक पुनर्रुत्थान आदि क्षेत्रों से सम्बन्धित योजनाएं सम्मिलित हैं। सक्षम भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजन शब्द दिया गया। इस शब्द में सम्बोधन के साथ ही, आत्मीयता भी झलकती है। इस आत्मीयता के माध्यम से दिव्यांगजन को जीवन में आगे बढ़ाने तथा आशा एवं उत्साह का संचार करने के लिए उन्हें काशी के साथ-साथ पूरे देश में सहायक उपकरण सहजता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। आज यहां हजारों दिव्यांगजन को प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।
NAGARIK SATTA