लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में चल रहे गोमती पुस्तक मेले में भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी (1857-1947) का विमोचन किया गया। प्रोफेसर (डाॅ) नीता, तबस्सुम खान द्वारा संपादित उपरोक्त पुस्तक में महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान त्याग और देशभक्ति का वर्णन किया गया है। पुस्तक में महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन से संबंधित प्रेरणादायक प्रसंगों का समावेश है।
समारोह की मुख्य अतिथि नारी शिक्षा निकेतन पी.जी. कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ) अजरा बानो ने पुस्तक की संपादक प्रोफेसर (डाॅ) नीता को बधाई देते हुए कहा कि उपरोक्त कृति वर्तमान पीढ़ी व आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करेगी। इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि अमीर्र्दौला इस्लामिया डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ दिलशाद अहमद अंसारी ने भी पुस्तक में उल्लेखित अनेक प्रसंगों पर प्रकाश डाला।
विमोचन कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि नेशनल बुक ट्रस्ट के संपादक डाॅ. ललित किशोर मंडोरा, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की मुख्य संपादक डॉ अमिता दुबे व एक्सिस विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक कर्नल डॉ. जाहिद सिद्दीकी ने भी संबोधित किया।
पुस्तक की संपादक प्रोफेसर (डॉ) नीता ने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम (राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020) पर आधारित सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन दर्शन, संघर्षों व देशभक्ति के संदेश को भी नई पीढ़ी तक पहुंचना है।
कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुए तबस्सुम खान ने कहा की पुस्तक में रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल, झलकारी बाई, ऊदा देवी, एनी बेसेंट, सरोजिनी नायडू, कमला देवी चट्टोपाध्याय, मैडम भीकाजी कामा, रानी गिडालू, विजय लक्ष्मी पंडित, दुर्गावती देवी, कमला नेहरू, कैप्टन लक्ष्मी सहगल, राजकुमारी अमृत कौर, अरूणा आसिफ अली तथा सुचेता कृपलानी के त्याग बलिदान और संघर्षों का वर्णन पुस्तक में किया गया है।
इस अवसर पर डा पूजा सिंह, डॉ दिव्या प्रजापति, डॉ स्तुति त्रिपाठी, डॉ आरती, डॉ मनीष सिंह, डॉ बेचा लाल, डा राधेश्याम वर्मा, डॉ रितु तिवारी, डॉ हिना निषाद, डॉ शालिनी शुक्ला, डॉ शिवानी श्रीवास्तव, डॉ ओपी वर्मा, मनीष मेहता व डॉ शैलेश कुमार पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र, छात्राएं एवं पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA