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राज्यपाल ने कारागार व्यवस्था में पारदर्शिता, सुधार और मानवीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के निर्देश
लखनऊ, 3 जनवरी। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को राजभवन में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएँ उत्तर प्रदेश द्वारा समयपूर्व रिहाई से संबंधित प्रस्तावित शासनादेश के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित शासनादेश के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों, पात्रता मानदंड एवं प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। राज्यपाल ने विषय की संवेदनशीलता और इसके सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित प्रावधानों की गहन समीक्षा की तथा आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया पारदर्शी, न्यायसंगत एवं सुधारात्मक उद्देश्य के अनुरूप होनी चाहिए, जिससे बंदियों के अधिकारों की रक्षा के साथ साथ समाज में पुनर्वास की प्रक्रिया सुदृढ़ हो सके।
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मानवीय दृष्टिकोण के साथ मूलभूत सुविधाओं पर बल
राज्यपाल ने कारागारों में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार कारागार सुधार की आधारशिला है।
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आधुनिक तकनीक के उपयोग से कारागार व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर
बैठक के दौरान राज्यपाल ने गुजरात स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा शक्ति महाविद्यालय तथा इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के अपने हालिया दौरों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इन संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फॉरेंसिक विज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग से जांच प्रक्रियाएं अधिक वैज्ञानिक एवं सटीक बनी हैं। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों के अध्ययन भ्रमण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नवीन तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर कारागार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
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बंदियों के आय सृजन एवं कौशल विकास पर विशेष निर्देश
राज्यपाल ने जेल परिसरों में बंदियों द्वारा उत्पादित शाक-सब्जियों के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन करने तथा इन्हें समीपवर्ती आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत उपयोग में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों के आय सृजन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण एवं उत्पादक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। साथ ही जेलों को आदर्श कारागार के रूप में विकसित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की।
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महिला बंदियों और बच्चों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान
राज्यपाल ने सजायाफ्ता महिला बंदियों तथा उनके साथ रह रहे छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं देखभाल से संबंधित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कारागारों से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु कारागार विभाग और गृह विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। इसके साथ ही कारागारों के आकस्मिक निरीक्षण कर निर्धारित नियमों एवं मानकों के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए गए।
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बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में विशेष कार्य अधिकारी राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे (अपर मुख्य सचिव स्तर), प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग, विशेष सचिव राज्यपाल श्रीप्रकाश गुप्ता, महानिदेशक कारागार पी.सी. मीणा सहित कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
NAGARIK SATTA